साहित्य

____ ढाई आखर प्रेम का काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ और नवांकुर कवियों ने प्रेम पर अपनी कविताओं का पाठ किया….!!

____ गोष्ठी का उद्देश्य मानवीय संवेदना सामाजिक चेतना को जीवन में उतरना प्रेम सामग्र...!!

____ ढाई आखर प्रेम का काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ और नवांकुर कवियों ने प्रेम पर अपनी कविताओं का पाठ किया….!!
____ गोष्ठी का उद्देश्य मानवीय संवेदना सामाजिक चेतना को जीवन में उतरना प्रेम सामग्र…!!
____कविता के माध्यम से कबीर की उस विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिसमें ज्ञान से अधिक प्रेम को महत्व दिया गया है…!!

मथुरा / उत्तर प्रदेश

जनवादी लेखक संघ द्वारा ब्रज लोककला भाषा संस्कृति विदुषी डॉ. सीमा मोरवाल की अध्यक्षता  में उनके निवास पर ढाई आखर प्रेम का काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ और नवांकुर कवियों ने प्रेम पर अपनी कविताओं का पाठ किया….!!
गोष्ठी के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए जलेस के सचिव डॉ. धर्मराज ने कहा कि काव्य गोष्ठी में प्रेम विषय पर केंद्रित कविताओं का पाठ करना प्रेम को केवल व्यक्तिगत भाव नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, सामाजिक चेतना और जीवन-दृष्टि के रूप में कवियों ने प्रस्तुत करना है। संत कवि कबीर दास की परंपरा में प्रेम को जोड़ने वाली, सवाल उठाने वाली और मनुष्य को मनुष्य बनाए रखने वाली है।
जनवादी लेखक संघ का कहना है कि यह आयोजन कविता के माध्यम से कबीर की उस विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिसमें ज्ञान से अधिक प्रेम को महत्व दिया गया है।
आयोजित काव्य गोष्ठी में कवि विनीत गौतम, रेनू उपाध्याय, हृदेश उपाध्याय, डॉ नीतू गोस्वामी, रणलेश त्रविन, प्रसून पाण्डेय रामेष्ट, डॉ अनिल दिनकर, विवेक मथुरिया, डॉ धर्मराज ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। काव्य गोष्ठी का संचालन अनुपम गौतम ने किया।

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