जनवादी लेखक संघ और राष्ट्रीय जन चेतना अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई काव्य गोष्ठी…!!
कविता और जन आंदोलन विषय पर आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने बांधा शंमा ..!!
___ जनवादी लेखक संघ और राष्ट्रीय जन चेतना अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई काव्य गोष्ठी…!!
____ कविता और जन आंदोलन विषय पर आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने बांधा शंमा ..!!
____जन सेवक सरदार हो गए…! हम रद्दी अखबार हो गए …! धर्मेन्द्र वीर सिंह एडवोकेट
मैनपुरी / उत्तर प्रदेश
जनवादी लेखक संघ राष्ट्रीय जन जन चेतना अभियान समिति के संयुक्त तत्व प्रावधान जन आंदोलन और कविता विषय पर काव्य एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें जिसमें कवियों ने कविता की विषय वस्तु को जन आंदोलन और जनसरोकारों के ओतप्रोत होनी चाहिए इसी विषय पर कवियों का पाठ किया और भक्तों ने अपने विचार रखें..!!
कलेक्ट्रेट स्थित जनवादी लेखक संघ के कार्यालय पर बुधवार को काव्य गोष्ठी में कवियों ने काव्य पाठ करते हुए सरकार की विफलताओं और वर्तमान समस्याओं पर चोट करते हुए जन सरोकारों को भी अपनी कविताओं के माध्यम से उठाने की कोशिश की..!!!
सर्वप्रथम काव्य पाठ करते हुए श्री पुष्पेंद्र पुष्प में अपनी रचना में कहां कि…..
चमक रहा आजादी सूरज कभी नहीं बुझने देना..!!
भारत की शान तिरंगा कभी नहीं झुकने देना…!!
पुष्पेंद्र पुष्प की रचनाओं को गंभीरता से सुना और तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया..!!
युवा कवि राज किशोर राजन ने अपनी रचना में पढ़ा कि….
शर्मसार कर दिया देश को देखो आज सियासत ने…!!
जहां कभी उपदेश दिए थे रामकृष्ण तथागत …!!
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं जनवादी लेखक संघ के संयुक्त मंत्री विजेंद्र सरल ने अपनी रचना में पढ़ा कि…..
आज सहारे ढूंढ रहे हैं देते रहे सहारे लोग …!!
मालिक बनकर बैठ गए हैं फटेहाल बंजारे लोग…!!
वरिष्ठ व्यंग कर पूरन सिंह पूरन ने एक व्यंग रचना में पढ़ा कि. ..
गैरों का क्यों ढूंढो सहारा ..!
अपनों ने ही जब दुदकारा ..!
वह भी मेरा अपना ही था ..!
जिसने छुरा पीठ में मारा…!
श्रोताओं ने पूरन सिंह पूरन की रचनाओं को खूब सराहा और ताली बजाकर उत्साहवर्धन किया. ..!!
वरिष्ठ कवि धर्म धर्मेन्द्र वीर सिंह एडवोकेट ने अपनी रचना यूं पढ़ी कि ……
जन सेवक सरदार हो गए…!
हम रद्दी अखबार हो गए …!
राजनीतिक वैश्या के वादे ..!
के हम यार शिकार हो गए ..!!
कवि एवं साहित्यकार स्वतंत्र पत्रकार राकेश रागी ने अपनी रचना में पढ़ा कि …….
सबका स्वास्थ्य विकास सभी का ताकतवर देश बनाएंगे ..!!सबको देंगे रोजगार और अच्छे दिन हम लाएंगे …!!
बारह बरस में तुमही बताओ कौन सो खम्म उखारो हैं……
काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ कवित्री उषा त्रिपाठी जगदीश त्रिपाठी. विद्याराम केसरी आदि ने काव्य पाठ किया संचालन सुरेंद्र सौरभ ने किया..!!
काव्य गोष्ठी के संयोजक राज किशोर राजन और आयोजन धर्मेंद्र वीर सिंह एडवोकेट में सभी उपस्थित कवियों का आभार व्यक्त किया…!!

